India-France Friendship : क्या भारत, अमेरिका और ब्रिटेन के लिए छोड़ देगा फ्रांस का साथ !
क्या भारत को "AUKUS" में शामिल करना चाहता है अमेरिका और यूके
यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका भारत को AUKUS में शामिल करना चाहते हैं।
AUKUS में तीन देश शामिल है ऑस्ट्रेलिया, यूनाईटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, और यूनाइटेड किंगडम जिनका उद्देश्य एक साथ मिलकर न्यूक्लियर कैपेबल सबमरीन का निर्माण करना है ,और अब UK इस गठबंधन का विस्तार करना चाहता है जिसमे इंडिया और जापान को भी शामिल करना चाहता है।
भारत ने फ्रांस के साथ कुछ समय पहले 6 सबमरीन बनाने की डील की थी जिसमे से कलवरी, करंज, खंडेरी, बेला ,बागीर बनकर तैयार हो चुकी है और आईएनएस बागशीर निर्माणाधीन है कुछ दिनों में यह सबमरीन भी इंडियन नेवी को मिल जाएगी।
इसी डील के कारण अमेरिका ,UK की मदद से AUKUS में भारत को शामिल करवाना चाहता है।
और अगर भारत इस गुट में शामिल होता है तो ,भारत के रिस्ते फ्रांस के कमजोर होंगे।
मौजूदा समय की बात की जाए तो दुनिया का हर देश दूसरे देश के साथ व्यापार करना चाहता है और अगर व्यापार हथियार का हो तो बात ही कुछ और होती है क्योंकि एक देश का दूसरे देश के साथ जब भी हथियारों की डील होती है तो कई करोड़ डॉलर की डील होती है और दुनिया में हर देश अपने हथियारों को बेचना चाहता है मौजूदा समय मे अमेरिका फ्रांस और रूस यह सब दुनिया भर में हर वर्ष अरबों रुपए के हथियार बेच देते हैं।
वर्ष 2021 में इन्हीं हथियारों के डील के कारण फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया एक दूसरे के बहुत बड़े दुश्मन बन बैठे थे कारण यह था कि दोनों देशों ने मिलकर एक डील किया था जिसमें यह तय किया था कि दोनों देश मिलकर सबमरीन निर्माण करेंगे और यह डील लगभग 50 मिलीयन डॉलर की थी और यह डील बढ़ते बढ़ते 90 मिलियन डॉलर तक पहुंचने वाली थी इस डील में फ्रांस ऑस्ट्रेलिया को सबमरीन बना कर देने वाला था।
और यह खबर जब सामने आई तो हथियारों के सौदागर अमेरिका और यूके ने सोचा की इतनी बड़ी डील अगर फ्रांस के पास चली जाएगी तो हमारे हथियारों का क्या होगा, तब यह दोनों देश ऑस्ट्रेलिया के पास गए और कहा कि फ्रांस द्वारा दी जाने वाली पनडुब्बियो मैं लेटेस्ट टेक्नोलॉजी नहीं है यह पनडुब्बी बिजली और डीजल से चलेंगे हम आपको न्यूक्लियर से चलने वाली पनडुब्बी बना कर देंगे।
ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ यह डील कैंसल कर दी और उसने इस डिफेंस डील को AUKUS के माध्यम से अमेरिका को दे दिया, जब ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस के साथ डील को तोड़ दिया तब फ्रांस बहुत ज्यादा गुस्सा हुआ और अपने राजदूत को ऑस्ट्रेलिया से बुला लिया और ऑस्ट्रेलिया के ऊपर पेनालिटी लगा दिया कि तुमने यह डील तोड़ी है जिसके एवज में ऑस्ट्रेलिया ने फ्रांस को 830 मिलियन डॉलर पेनालिटी के रूप देने पड़े।
सार रूप में देखा जाए तो इससे एक बात यह भी निकल के सामने आती है क्या AUKUS के माध्यम से UK ,क्वाड में शामिल होना चाहता है क्योंकि क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका शामिल है इस समूह में UK शामिल नही है और अब AUKUS में UK भारत और जापान को शामिल करके JAIAUKUS बनाना चाहता है।
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